गुरुवार, 12 नवंबर 2009

क्या कहे यार, बस एग्ज़ॅम सर पे तट तो कुछ लिख नही पाया, लेकिन अब तो क्रिकेट ने निराश कर दिया तोड़ा सा!
एग्ज़ॅम ठीक तक हुआ हैं, अब सूच रहे कुछ अकचे शुरू करे, सुना हैं अब भारत रिसेशन प्रूफ हून गये हैं ! हेलीं मेट्रो का टिकेट तो महनगा ही हो गये हैं, पता नही कैसा एकॉनमी का हॉल पता चलते हैं, हमारे लिए तो महनगाई बोहोट भारी पर रहा हैं.
आब २०१० में साउत आफ्रिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप देखने को मान हैं,लेकिन टिकेट का चिंता करते अभी तो मुमकिन नहीं लग रहे हैं, बस देखना हैं की कही ल्तटेरी में और कॉंटेस्ट में टिकेट आ गये तो बस समझो भाग खोल गये!
अभी फिलहाल में आईरसिया ने छुउट में सिंगपुर और मलयसिया और कुछ देशो के लिया सस्ते टिकेट दे रखे थे, ११ नोव से १४ नेव के बीच टिकेट करने में २०१० के एप्रिल और अक्टोबर के बीच का टिकेट भारी छूट में मिल रहे थे, साउत आफ्रिका के लिया अगर कोई ऐसा ससता टिकेट मिले तो फुटबॉल देखने का उमंग वास्तव हून भी सकते हैं!
अभी कुछ जूडो प्राक्टिज़ और तोड़ा प्यार मोहबत में समय बिता रहे हैं, हमारे यहाँ तो अभी जोरदार बारिश हो रहे हैं, लगता हैं आज भी घर में ही गुज़रना परेगा, चलो कुछ सॉफ्ट ड्रिंक बना कर टीवी में पुराने सीरियल देखते हैं,*_*

आशा निराशा

क्या कहे यार, बस एग्ज़ॅम सर पे तट तो कुछ लिख नही पाया, लेकिन अब तो क्रिकेट ने निराश कर दिया तोड़ा सा!
एग्ज़ॅम ठीक तक हुआ हैं, अब सूच रहे कुछ अकचे शुरू करे, सुना हैं अब भारत रिसेशन प्रूफ हून गये हैं ! हेलीं मेट्रो का टिकेट तो महनगा ही हो गये हैं, पता नही कैसा एकॉनमी का हॉल पता चलते हैं, हमारे लिए तो महनगाई बोहोट भारी पर रहा हैं.
आब २०१० में साउत आफ्रिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप देखने को मान हैं,लेकिन टिकेट का चिंता करते अभी तो मुमकिन नहीं लग रहे हैं, बस देखना हैं की कही ल्तटेरी में और कॉंटेस्ट में टिकेट आ गये तो बस समझो भाग खोल गये!
अभी कुछ जूडो प्राक्टिज़ और तोड़ा प्यार मोहबत में समय बिता रहे हैं, हमारे यहाँ तो अभी जोरदार बारिश हो रहे हैं, लगता हैं आज भी घर में ही गुज़रना परेगा, चलो कुछ सॉफ्ट ड्रिंक बना कर टीवी में पुराने सीरियल देखते हैं,*_*